On-Page SEO: a complete easy Hindi tutorial

On-Page SEO: Hindi Tutorial

आप जानते ही होंगे की SEO क्या है (What is On Page SEO in Hindi), और SEO करना क्यों जरुरी है।

 अच्छा कंटेंट होने के बावजूद SEO के बिना आपकी वेबसाइट गूगल पे रैंक ही नहीं हो पाएगी। तो इसलिए वेबसाइट का SEO करना जरुरी है।

 अगर आप नहीं जानते की On-page SEO क्या है? या फिर On page  SEO kaise kare? इस पोस्ट को पूरी पढ़े। 

इस पोस्ट में आपको On page SEO का complete step-by-step Hindi tutorial मिलेगा। 

SEO करना क्यों जरुरी है?

website या BlogSpot का On-page SEO करने से पहले यह जानना जरुरी है की SEO क्या है और सर्च इंजन कैसे काम करता है।

क्योकि गूगल search engine experience को improve करने के लिए अल्गोरिथम लगातार update करता रहता है।

google algorithm update
Google Algorithm Update- Image source: stanventures.com

 हाल ही में 2020 के साल की शुरुआत में दो अल्गोरिथम अपडेट लागु किये गए है। उनमे से एक featured snippet algorithm को 23rd January 2020 को अपडेट किया गया था और दूसरा update 8th February से लेके 13th फेब्रुअरी, 2020 तक किया था जिसके बारे में अभी भी गूगल के द्वारा confirm नहीं किया गया है।

तो इसलिए वेबसाइट या blog को लगातार SEO करना जरुरी है।

On-Page SEO

सभी SEO techniques में से On-Page SEO सबसे ज्यादा important है। क्योकि On-Page SEO में ही आपको modification का पूरा control मिलता है।

On -पेज SEO के मुख्य चार elements है। इन चार elements से आपके webpage की quality measure होती है।  

(1) keywords 
  • अगर सही में वेबसाइट को रैंक करवाना है तो keywords को कभी भी ignore नहीं करना चाहिए। क्योकि गूगल सर्च इंजन, SERP पे रैंक करने के लिए सबसे ज्यादा relevant keywords वाले webpage को ही ज्यादा  priority देगा। तो आगे देखेंगे की कैसे keywords का चुनाव करना चाहिए और कहा से keywords research कर सकते है।
(2) keywords की Position 
  • keywords को कंटेंट के अलावा और कहा-कहा होना चाहिए और कितनी बार इस्तेमाल करना चाहिए यह भी जरुरी है। अगर कम keywords होंगे तो रैंक होने में दिक्कत हो सकती है। और ज्यादा बार keywords का इस्तेमाल हुआ तो black hat SEO के कारन website गूगल के द्वारा penalized भी हो सकती है इससे रैंक ही नहीं होगी। 
(3) Content 
  • अगर आप नियमितरूप से blogs या youtube पे content marketing के बारेमे देख रहे होंगे तो ये कई बार सुना या पढ़ा होगा की “content  is king”। मगर केसा कंटेंट होना चाहिए जो सही में king हो। यानि की ऐसा कंटेंट जो गूगल प्रमाणित करे और रैंक भी करे। 
(4) links (internal-external links )
  • on-Page SEO में आप दो तरह की links देखेंगे, internal links और external links। और Backlink जो off-page SEO का part है। 
  • आप जो लिख रहे है पोस्ट पे इसे प्रमाणित करने का एक तरीका है की जो आपके topic के relevant दूसरी website के जो webpages है उसकी links आपके webpages पर होनी चाहिए। इससे दो फायदे होंगे एक तो यह गूगल का ranking factor है इससे SERP पे रैंक होने की संभावना बढ़ जाएगी और दूसरा इससे आपके content का trust factor भी बढ़ेगा। 
  • दूसरी है internal links इसके लिए आपकी वेबसाइट के दूसरे जो relevant webpages है उसकी लिंक webpage पर anchor text के फॉर्म में होनी चाहिए। इससे visitors दूसरे पोस्ट भी पढ़ेंगे और website का bounce rate भी अच्छा रहेगा।
 

On-page SEO step-by-step tutorial in Hindi

1. Post /Article के लिए सही keywords चुने

Keyword research करने से पहले keywords कैसे होने चाहिए ये जानना जरुरी है। 

Keywords research करते वक्त keywords का search volume और competition दोनों जानना चाहिए।

Search Volume का मतलब महीने में keyword कितनी बार सर्च होता है। 

और keyword competition का मतलब है की यह keywords वाले और कितने Blogs internet पर available है। यानि की जिस keyword की competition ज्यादा होगी उसको रैंक करना मुश्किल होगा।

तो ऐसे keywords को चुनना चाहिए जिसका search volume ज्यादा हो और keyword competition भी कम हो।

LSI keywords: 

LSI ऐसे synonyms keywords है जो गूगल page की relevancy जानने के लिए इस्तेमाल करता है। और ऐसे कीवर्ड्स जिसमे prefix और suffix को शामिल करने से ऐसे long-tail Keywords मिलते है जिसका search volume भी अच्छा हो और content में शामिल करने लायक हो।

2. SEO-friendly Title के लिए Title tag में keywords का इस्तेमाल कीजिए

अगर आप किसी भी keywords को गूगल पे सर्च करोगे तो ज्यादातर search result के title में keywords होंगे। title tag में exactly वही keywords डालने है जिसका search Volume ज्यादा और competition कम हो।

  • बेहतर result के लिए keywords को title tag की शुरुआत में ही होना चाहिए।
keywords in Alt tag: On Page SEO
keywords in Title Tags

सिर्फ keywords होने से अगर रैंकिंग हो भी जाती है लेकिन अगर आपका title अच्छा नहीं है तो कोई click नहीं करेगा।
इसलिए title tag में keywords होने के साथ-साथ attractive भी होना चाहिए।

  • title tag modifiers का इस्तेमाल: 

ऐसे words जो keywords की या फिर title की value और भी बढ़ा दे। 

दूसरे शब्दों में कहे तो adjectives का इस्तेमाल करना चाहिए। जैसे की “best”, “top 10”, “fast”, “reviews”।

3. Post के बारे में संक्षिप्त में meta description में Post introduction लिखिए

Title tag के बाद Meta description ही है जो SERP पे आता है। meta description आपके post या webpage के बारेमे शार्ट में 160 characters का description है। meta description में जो keywords होते है उससे रैंकिंग में कोई फर्क नहीं पड़ता। 

लेकिन meta description से webpage का CTR जरूर बढ़ा सकते है। 

Tip: हालांकि meta description के keywords से रैंकिंग पे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन फिर भी keywords को description में शामिल करन चाहिए।

4. SEO-Friendly URL बनाने के लिए keywords को URL में इस्तेमाल कीजिए

on page SEO में अगर सबसे आसान part अगर कोई हो तो वो है SEO friendly URL को बनाना। 

webpage का URL ऐसा होना चाहिए जिसे पढ़ते ही content के बारे में अंदाजा लगाया जा सके।  यानि की keywords को URL में होना चाहिए।

SEO friendly URL
SEO Friendly URL

तो देखते है कैसे URL को SEO -Friendly  बनाते है।

1. URL को छोटा रखे 

2. और सभी वेबपेज के URL में keywords को रखिए।

बस हो गया SEO -Friendly URL !

5. Alt Text में keywords का इस्तेमाल कीजिए

अगर website का bounce rate कम करना है तो ज्यादा से ज्यादा visual कंटेंट डालने चाहिए। 

यानि की images और video कंटेंट। image का इस्तेमाल करते वक्त उसके alt tag में keywords का इस्तेमाल करना चाहिए।

Alt tag गूगल search engine का ranking factor है। और जब भी image load नहीं होगी तब alt tag image की जगह दिखाई देगा।

keywords in Alt Text
keywords in Alt Text

अगर आप अपनी वेबसाइट wordpress पर चला रहे है तो इसमें Alt Text लिखना आसान हो जाता है। अगर आपकी इमेज को गूगल के Image search Result में भी rank करवाना है तो alt text के साथ title और description भी लिखिए। इससे आपके वेबसाइट का image SEO भी हो जाएगा और image search result से भी ट्रैफिक आएगा।

6. SEO -friendly content बनाइए

कई बार लोग जल्दी content बनाने के लिए दूसरी websites से कॉपी करते है। इससे website कभी भी रैंक नहीं होगी।

 गूगल के अनुसार अगर कोई website पे Duplicate content है तो वह website गूगल के द्वारा index तो होगी लेकिन रैंक नहीं हो पाएगी। 

duplicate content guide by google

तो content में plagiarism बिलकुल नहीं होना चाहिए और समय के साथ-साथ उसे अपडेट भी करते रहना चाहिए। क्योकि crawlers regularly आपकी वेबसाइट के webpages पर crawl करते है और webpages पे किए गए update के बारेमें google को बताता है। इससे यह फायदा होता है की जो website रेगुलरली अपडेट होती रहती है उसे google rank करना ज्यादा पसंद करता है।

 Content साइज 1000 words से कम नहीं होनी चाहिए। या फिर words count 500-700 है तो इसे thin content कहते है। और thin content rank नहीं हो सकते।

targeted keywords को Post /Article के पहले 100 शब्दों में एक बार इस्तेमाल हो जाना चाहिए। यानि की keywords को पहले paragraph में इस्तेमाल कर लेना चाहिए।

ऐसा क्यों करना चाहिए?

क्योकि गूगल आपके Post या article के शुरुआत में जो terms आते है उसे ज्यादा महत्व देता है।

 वैसे भी अगर आप कोई topic पे article लिख रहे हो। जैसे की “smartphone”, तो ये सही रहेगा की “smartphone” keyword article के बिच में या फिर अंत में आए? तो यही सही रहेगा की keywords post की शुरुआत में हो। 

Post title को H1 tag में लिखना 

title tag और heading एक जैसे नहीं होने चाहिए। post के बारे में H1 tag में heading को पोस्ट की शुरुआत में ही होना चाहिए।

Search Engine Journal के अनुसार हर post में सिर्फ एक ही H1 tag का इस्तेमाल करना चाहिए। बाकी H2, H3 tag को कई बार इस्तेमाल कर सकते है।

header tag: On page SEO hindi
H1 Tag

अगर content में लगातार 300 से ज्यादा words आते है तो बिच-बिच में heading tag का इस्तेमाल कर लेना चाहिए।

इससे यह फायदा होगा की कंटेंट का User experience अच्छा होगा और content को text-break भी मिलेगा। 

keyword density: 

keyword density २% ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर ज्यादा keywords होंगे तो गूगल इसे keywords stuffing के कारण Black hat SEO मानकर वेबसाइट को रैंक नहीं होने देगा।

तो article में इतने ही keywords होने चाहिए जिससे गूगल को लगे की यह पोस्ट इसी keywords के बारेमे है।

7. टॉपिक के relevant websites की External Links (Outbound links) बनाइए

External link से गूगल को आपके website के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने में मदद मिलेगी। external link की वजह से गूगल यह तय करता है की आपकी website इस keywords के लिए सबसे अच्छा search result है।

Website DA PA value using MOZ extension

Tip: External links ऐसी वेबसाइट की होनी चाहिए जिसकी domain authority और page authority अच्छी हो।

Bonus: MOZ extension से किसी भी वेबसाइट की DA प् आसानी वैल्यू जान सकते है।

8. Internal link

Internal Link SEO के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है।

आप अपनी website के ऐसे वेबपेज को लिंक करना चाहेंगे जिसकी authority कम हो।

 अगर आपकी website के किसी business page की authority कम है और रैंकिंग नहीं हो रही है तो उसे high-authority वाले webpage से लिंक कर सकते है।

Tip: जब आप Internal link करते है तो यह ध्यान रखिए की anchor text में keywords शामिल हो।

अगर आपको internal link का सबसे best example देखना है तो wikipedia की website जरूर देखना।

Internal Link wikipedia screenshot
Highlighted anchor texts are internal links: wikipedia screenshot

Summary

On Page SEO in Hindi

आपने इस पोस्ट में सीखा की On Page SEO क्या है (What is On Page SEO in Hindi)? और कैसे करते है? 

On Page SEO को करने के 8 steps जिसमे आपने देखा की Keywords कहा कहा होने चाहिए और keywords कैसे होने चाहिए। 

और भी कैसे SEO-Friendly title, URL, और meta descritpion कैसे बनाते है और कंटेंट कैसा होना चाहिए। अगर आपको On Page SEO के बारे में और कोई सवाल है तो कमेंट में पूछ सकते है।
धन्यवाद्

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.