Laxmi agarwal ki inspirational story

यह प्रेरणादायक कहानी एसिड अटैक से लड़नेवाली Laxmi Agarwal के बारे में है जीन पर हाल ही में मूवी ‘छपाक’ रिलीज़ हुई । ये सच्ची प्रेरणादायक कहानी आपको महत्वपूर्ण लाइफ लेसन सिखाएगी।

Laxmi Agarwal के बारे में

Laxmi Agarwal को 2019 में उनके स्टॉप सेल एसिड (stop sale acid) कैंपेन की वजह से मिनिस्ट्री ऑफ़ वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट, मिनिस्ट्री ऑफ़ ड्रिंकिंग वाटर एंड सेनिटेशन और UNICEF की तरफ से इंटरनेशनल वीमेन एम्पावरमेंट अवाँर्ड प्रदान किया गया था। और २०१४ में मिशेल ओबामा की तरफ से इंटरनेशनल वीमेन ऑफ़ करेज अवार्ड प्रदान किया गया था। हिंदुस्तान टाइम्स के एसिड अटैक विक्टिम्स की सीरीज में उनके बारे में भी लिखा गया था

लक्समी अग्रवाल का जन्म १जून १९९० को हुआ था। उसके पती का नाम अलोक दीक्षित है और उसकी एक बेटी भी है।

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By U.S. Government (Department of State) - U.S. Department of State, Public Domain, Link

Interview

लक्ष्मीजी ने इंटरव्यू में बताया – 2005 में मेरा सपना सिंगर बनने का था। लेकिन एक ३२ साल का लड़का था और में १५ साल की थी। वो लड़का मुझसे शादी करना चाहता था जब मैंने मना किया तो उसने लगातार १० महीने मुझे परेशान किया। स्कूल से आते वक्त वो मुझे छेड़ता था वो जानता था की अगर में घर पर बोलुँगी तो घरवाले मेरा स्कूल जाना बंद करवा देंगे और मेरे सपनो को मार दिया जाएगा। 

उस वक्त स्कूल में दो महीने की गर्मी की छुट्टी पड़ने वाली थी। मेने घरवालों से कहा की मुझे इन दो महीनो में जॉब करनी है लेकिन घरवालों ने कम उम्र होने का कारन देकर मना कर दिया। मेरा मकसद नौकरी करने का नहीं था में तो बस नौकरी के बहाने इन दो महीनो में सिंगिंग सीखना चाहती थी। मेने जैसे तैसे करके घरवालों को कन्विंस कर लिया तब उस लड़के का मैसेज आता है की वो मुझसे शादी करना चाहता है और उसी वक्त उसे रिप्लाई करे मगर मेने उसका कोई जवाब नहीं दिया। 

Acid Attack On Laxmi Agarwal

अगले दिन जब में खान मार्किट (Delhi) जाने को घर से निकली तब वो लड़का उसके छोटे भाई की गर्लफ्रेंड के साथ मेरा पीछा करने लगे लेकिन में आगे बढ़ने लगी। वो लोग शराब की बोतल में एसिड लेकर आये थे उन दोनों ने मुझे निचे गिराया और मुझपे एसिड दाला और में बेहोश हो गई। जब मुझे होश आया तो मेरा चेहरा प्लास्टिक की तरह जल रहा था जैसे किसीने मुझे आग लगा दी हो। में तड़प रही थी और चीख रही थी उसी वक्त रोड पर चलने वाली कार से मेरा तीन बार एक्सीडेंट हो गया।

लोग ग्रुप बना कर मुझे मजे से देख रहे थे और मेरे मरने का इंतजार कर रहे थे । उसी भीड़ के बीच अरुणसिंह नाम के अंकल २ लीटर कोक की बोतल लेकर मेरी मदद करने के लिए आये। मगर उस बोतल में सिर्फ आधा ही पानी था जब उन्होंने मेरे चेहरे पर पानी डाला तो एसिड चेहरे से बहता हुआ मेरे सीने पे आया और मेरा सीना भी जलने लगा।

At Hospital

 मुझे हॉस्पिटल ले जाया गया जैसे ही में हॉस्पिटल पहुंची मुझपे २० बाल्टी पानी डाला गया। जब मेरे पापा वहां आये में उनके गले लगी तो उनकी शर्ट भी एसिड की वजह से जलने लगी।

वहां मेरे दो ऑपरेशन हुए मेरे पुरे होशो हावास में मेरी दोनों आँखो को सील दिया गया लगभग तीन महीने के बाद जब में घर गई तो घर के सारे शीशे हटा दिए गए थे। लेकिन कैसे भी करके मेने अपना फेस देखा और में दुखी हो गई मैंने सुसाइड करने का सोच लिया। लेकिन मरने से पहले मेने खुदसे एक सवाल किया की में तो आत्महत्या करके मर जाऊगी मगर मेरी माँ का क्या जो तीन महीने तक नहायी नहीं और वो पिता का क्या जो तीन महीने तक सोये नहीं है उनका क्या होगा वो तो ज़िन्दगी भर मरेंगे।

में पिता के गले लग गई मेरे पिता ने मुझे बहुत हिम्मत दी और कहा की एक दिन ऐसा जरूर आएगा की तुजे इस चेहरे पर प्यार होगा । दिन गुजरते गए मेने बहुत संघर्ष करते हुए पढाई पूरी की फिर से मेरी ज़िन्दगी में एक और दुखद घटना हुई ।

२०१२ में मेरे भाई को टी.बी. की बीमारी हो गई और डॉक्टर ने कहा की अब ये नहीं बचेगा और यह सुनते ही पापा नहीं सह पाए और उनकी अटैक से डेथ हो गई। घर में एक ही कमाने वाले थे वो भी अब नहीं रहे ।

Acid Sale Ban

मेरे पास जितनी भी डिग्री थी में उनके बेस पर काम मांगने गई मगर मुझे कोई काम नहीं मिला । 2006 में मेने सुप्रीम कोर्ट में एक केस डाला था की एसिड सेल्लिंग को बेन किया जाये उसका फैसला 2013 में आया और जब मेने एसिड अटैक वाले दूसरे लोगो को देखा की वे देख नहीं सकते और सुन नहीं सकते तब मुझे एहसास हुआ की कम से कम में देख और सुन तो सकती हूँ ।

 हर इंसान को यह लगता है की उसकी प्रॉब्लम बड़ी है मगर दुनिया में ऐसे भी बहुत लोग है जिसकी प्रॉब्लम आप से लाख गुना ज्यादा है ।

 

Lesson from the Story

दोस्तों यह सच्ची घटना से हमें यह सिख मिलती है की हम अपने जीवन की छोटी छोटी समस्या को लेकर बहुत दुखी होते है और लक्ष्मीजी जैसे लोग भी है जो इतना कुछ सह कर भी आगे बढ़ जाते है । लक्ष्मी जी ने बहुत ही कमाल की लाइन कही है-

उसने मेरे चेहरे पर एसिड डाला है मेरे सपनो पर नहीं।

जीवन में कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं जो आपको अपने मंजिल तक पहुंचने से रोक सके। लक्ष्मीजी की तरह आप भी अपने सपनो को पूरा करने के लिए लड़ते रहिये निश्चित ही आपकी जीत होगी।

धन्यवाद ।

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