What is SEO in Hindi ?

क्या आप जानना चाहते है की SEO क्या है, SEO से क्या फायदा होता है, या फिर गूगल के पहले पेज पर साइट कैसे रैंक करे? तो इस पोस्ट “What is SEO in Hindi” को अंत तक जरूर पढ़े।

SEO क्या है?

SEO का उपयोग सर्च इंजन के आर्गेनिक रिजल्ट से टार्गेटेड ट्रैफिक को अपनी वेबसाइट पे लाने के लिए होता है।

वेबसाइट या फिर ब्लॉग को रैंक करवाने के लिए SEO जरुरी है। SEO में कई टास्क होते है जैसे की अच्छी, हाई-क्वालिटी कंटेंट लिखना, कंटेंट को स्पेसिफिक कीवर्ड के अनुसार बनाना और बैकलिंक बनाना। 

आसान शब्दों में कहे तो आपके वेबसाइट को (SERP)सर्च इंजन रिजल्ट पेज के आर्गेनिक रिजल्ट सेक्शन पे रैंक करने के लिए SEO का उपयोग होता है। 

Search Engine Result Page -organic and paid result in hindi

अगर आपने गूगल पे कोई कीवर्ड पे सर्च किया होगा तो देखा होगा की रिजल्ट पेज में शुरुआत में सर्च एड्स आती है और बाद में आर्गेनिक रिजल्ट आते है।

 गूगल सर्च एड्स में वेबसाइट रैंक करवाने के लिए उसपे कीवर्ड की कीमत के अनुसार खर्च करना पड़ता है। लेकिन आर्गेनिक रिजल्ट में बिना खर्च किये रैंक करवा सकते है।

वेबसाइट को स्पेसिफिक कीवर्ड पे रैंक करवाने का सबसे बड़ा फायदा यही है की आप हर महीने बिना खर्च किये “free” में ट्रैफिक को अपनी वेबसाइट पे ला सकते है।

एक सर्वे के अनुसार यह जानने को मिला की वेबसाइट पे ७०% से ज्यादा ट्रैफिक सर्च इंजन से आता है। और उनमे से ८१% से ज्यादा ट्रैफिक गूगल से आता है। तो, SEO जानने से पहले सर्च इंजन कैसे काम करता है यह जानना बिलकुल जरुरी है।

सर्च इंजन(Search Engine) कैसे काम करता है?

जब आप गूगल पे कुछ भी सर्च करते है, तो उसके पीछे उसी वक्त एक अल्गोरिथम काम करता है और यह आपको “सबसे अच्छा” रिजल्ट SERP (सर्च इंजन रिजल्ट पेज) पे देगा।

वास्तव में, गूगल अपनी सैकड़ों अरब पेज के इंडेक्स को स्कैन करेगा और आपके सर्च का सबसे सटीक जवाब होगा वो देगा।

तो यह सवाल उठता है की, गूगल “सबसे अच्छे” रिजल्ट को कैसे निर्धारित करता है?

गूगल कभी भी अपने अल्गोरिथम के बारे में पब्लिक में जानकारी नहीं देता, फिर भी हम जान सकते है की वेबसाइट और वेबपेज इस तीन पैरामीटर के आधार पर रैंक करते है। (1) सुसंगतता (relevancy) (2) उपयोगिता (usefulness) (3)  प्रमाणित (authority)

1. सुसंगतता (relevancy)

अगर आप “कुकिंग रेसिपी” के बारे में सर्च कर रहे है तो आप कभी भी “कम्प्यूटर” के बारे में जानना नहीं चाहेंगे।  इसलिए गूगल पहले वही वेबपेजेस को देखेगा जो आपके सर्च किये हुए कीवर्ड से सबसे ज्यादा सुसंगत होंगे।

तो भी, गूगल सुसंगत पेज को रैंक नहीं करेगा क्युकी “कुकिंग रेसिपी” के सुसंगत लाखो वेबपेज गूगल इंडेक्स में होंगे।

तो “सबसे अच्छे” रिजल्ट को रैंक करने के लिए गूगल दो और एलिमेंट को देखेगा। वो है प्रमाणितता और उपयोगिता।

2. प्रमाणितता (authority)

no. of sites linked to webpage

गूगल, किसी भी वेबपेज की अथॉरिटी इस प्रकार देखता है की अगर इस पेज का कंटेंट सही और भरोसेमंद है या नहीं। 

अब सवाल यह होता है की, गूगल प्रमाणित यानि की सही और भरोसेमंद कंटेंट को कैसे पहचानेगा ?

 वह देखेगा की किसी भी सुसंगत वेबपेज के साथ और कितने वेबपेज जुड़े हुए है। यानि की इस पेज की लिंक और कितने वेबपेज से जुडी गई है। किसी भी वेबपेज की दूसरे वेबसाइट के वेबपेज में जुडी गई लिंक को बैकलिंक “Backlink” कहते है। 

यानि की, जो वेबपेज की सबसे ज्यादा बैकलिंक होगी वो पहले रैंक होगा।

3. उपयोगिता (usefulness)

अगर कंटेंट सुसंगत और प्रमाणित है लेकिन उपयोगी नहीं है तो गूगल उसे रैंक करना पसंद नहीं करता।  

असल में, गूगल ने पब्लिक्ली ये कहा है की “अच्छी गुणवत्ता” और “उपयोगी” कंटेंट दोनों में बहुत बड़ा अंतर है।

मतलब की, अगर किसी वेबपेज का कंटेंट सुसंगत है और बैकलिंक भी ज्यादा है लेकिन इसका कंटेंट आर्गनाइज्ड नहीं है और इसे समझना भी आसान नहीं है तो वो रैंक नहीं होगा बल्कि ऐसा कंटेंट जो अच्छी तरह से आर्गनाइज्ड है और कोई भी इसे समज सकता है तो अगर इसे बैकलिंक कम होगी फिर भी रैंक करेगा।

Usefulness- Website structure
No. of Backlinks
ranking analysis: Backlink and usefulness
Website analysis

ऐसी वेबसाइट बनाइये जो लोगो को पसंद आए। सर्च इंजन इस तरह बनाया गया है की लोगो को पसंद आनेवाली वेबसाइट के संकेतो को नाप सके।  

तो आइये देखते है की कैसे SEO का इस्तेमाल करके आपकी वेबसाइट/ब्लॉग को रैंक करवा सकते है।

SEO कैसे काम करता है?

SEO का काम आपकी साइट को ऑप्टिमाइज़ करके कोई भी प्लेटफार्म पे इसे रैंक करवाना है चाहे वो गूगल हो या फिर यूट्यूब। 

आपका काम यह है की आपकी साइट की इस तरह से ऑप्टिमाइज़ करना है की सर्च इंजन को लोगो के सर्च के लिए आपकी साइट एक “बेस्ट  रिजल्ट” लगे। 

अब सर्च इंजन “बेस्ट रिजल्ट” को निर्धारित करने के लिए ऐसा अल्गोरिथम पे काम करेगा जो वेबपेज का कई पहलू देखेगा जैसे की अथॉरिटी,सर्च query से सुसंगतता, लोडिंग स्पीड और भी कई सारे।

उदहारण के तोर पर, गूगल के अल्गोरिथम में 200 से भी ज्यादा रैंकिंग फैक्टर है

ज्यादा तर, अगर कोई इंसान SEO के बारे में सोचता है तो वो गूगल के SEO  के बारे में ही सोचता है।  

आर्गेनिक और पेड रिजल्ट

SERP यानि की सर्च इंजन रिजल्ट पेज दो हिस्सों में बटा हुआ है: पहला आर्गेनिक रिजल्ट और दूसरा पेड रिजल्ट।

organic and paid result: What is SEO in Hindi
Organic vs Paid Results

आर्गेनिक सर्च रिजल्ट -(Organic Search Result)

आर्गेनिक रिजल्ट १००% कंटेंट की योग्यता के आधार पर रैंक होता है। 

दूसरे सब्दो में कहे तो आर्गेनिक रिजल्ट में रैंक करने के लिए कोई भी खर्च की जरुरत नहीं है।

पेड रिजल्ट (paid result)

पेड रिजल्ट, विज्ञापन (ads) है जो आर्गेनिक रिजल्ट से पहले और आर्गेनिक रिजल्ट के बाद आता है। कोई भी SERP में पेड एड्स 7 से ज्यादा नहीं हो सकते। यानि की 4 आर्गेनिक रिजल्ट से पहले और 3 इसके बाद। 

पेड रिजल्ट, आर्गेनिक रिजल्ट से बिलकुल अलग है। पेड रिजल्ट का रैंकिंग इस पर आधार रखता है की एडवाइजर हर एक क्लिक के लिए कितना खर्च करता है।

paid result
Paid Result

Advantages of SEO

क्यों SEO करना जरुरी है?

सबसे बड़ा ट्रैफिक का सोर्स है सर्च इंजन।

एक सर्वे के अनुसार वेब पे 60% से ज्यादा ट्रैफिक सिर्फ गूगल सर्च से आता है।

और सर्च इंजन को मिला दे तो 70% से ज्यादा ट्रैफिक सारे सर्च इंजन से आता है।

Search engine analysis, What is SEO in Hindi
Search Engine Analysis

चलिए इसे एक उदहारण से स्पष्ट करते है।

मान लीजिये की आप एक केक शॉप चलाते है। तो [Google Keyword planner] के अनुसार हर महीने 1 लाख से ज्यादा लोग केक शॉप के बारे में सर्च करते है।

और मान लेते है की, SERP के पहले रिजल्ट पे 20% ज्यादा क्लिक होते है। यानि की 20,000 विसिटर्स हर महीना आपकी वेबसाइट से विजिट करते है। अगर आप SERP के पहले नंबर पर रैंक करते है।

अब जानते है की उन विसिटोर्स की क्या कीमत है?

Keyword search per month

गूगल कीवर्ड प्लानर के अनुसार advertisers “cake shop near me” कीवर्ड पर एक क्लिक के लिए एवरेज 10 INR खर्च करता है। 

  मतलब की २0,000 विसिटोर्स की कीमत 20,000 * 10 INR =2 लाख 

और वो सिर्फ एक सर्च के लिए अगर आपकी साइट SEO फ्रेंडली है तो और कई सर्च Query के लिए भी रैंक करेगी।

cost of Monthly visitors

और दूसरी इंडस्ट्री जैसे की रियल एस्टेट और फाइनेंस में कॉस्ट पर क्लिक की कीमत बहुत ज्यादा होती है।

 तो आपने जान लिया की सिर्फ वेबसाइट का SEO करने से कितना फायदा हो सकता है।

तो जानते है SEO का सबसे पहला स्टेप: “कस्टमर और कीवर्ड्स”

कस्टमर और कीवर्ड्स

यहाँ आप जान सकते है की आपके कस्टमर कौन है और वह सर्च करने के लिए कौन से शब्द का इस्तेमाल करता है। आपकी साइट को रैंक करवाने के लिए कस्टमर से सर्च होने वाले सटीक कीवर्ड्स और phrase को जानना जरुरी है।

 चलिए जानते है की यह कैसे करना है

अगर आप एक ऑनलाइन बिज़नेस चलाते है तो आप अच्छी तरह से जानते ही होंगे की आपके टार्गेटेड कस्टमर कौन कौन है। 

मतलब की आप जानते है के आपके टार्गेटेड कस्टमर की उम्र क्या है, उनकी इनकम क्या है, उनकी हॉबी और इंटरेस्ट, और उसके लक्ष्य क्या है।  यह आपको न ही सिर्फ SEO करने में मददरूप होंगे बल्कि कंटेंट मार्केटिंग में भी ज्यादा मददरूप होंगे।

customer persona

चलिए जानते है की कस्टमर को जानने से कैसे फायदा और सफलता मिलेगी।

आपको सफल होने के लिए ऐसा कंटेंट बनाना होगा जो कस्टमर सर्च करता है जानना चाहता है।

और जबतक आप यह नहीं जान लेते की आपके कस्टमर कौन है, तब तक आप यह नहीं जान सकते की केसा कंटेंट बनाना है जो आपके कस्टमर को आसानी से समझ मे आये और फॅमिलिएर हो।

अपने कस्टमर के बारे में जानकारी के लिए सबसे अच्छा तरीका है की आप हबस्पॉट का “मेक माय पर्सोना टूल” का इस्तेमाल करे।

इस “Free” टूल से आप स्टेप-by-स्टेप अपने कस्टमर के बारे में जानकारी डाल सकते है और अंत में आपके पास आपके कस्टमर का ऐसा अवतार होगा जिसे आप कंटेंट बनाते वक्त रेफेर कर सकते है।

hubspot- Make my persona Tool

कीवर्ड्स खोजना (Keyword Research)

अब आपके पास आपके कस्टमर का अवतार है तो दूसरा स्टेप होगा कीवर्ड रिसर्च का।

कीवर्ड रिसर्च से आप जान सकते है की आपके कटोमेर सर्च इंजन में कौन कौन से शब्द का यूज़ करते है।

अब इस कीवर्ड्स को दो हिस्सों में बाँट सकते है। (1) प्रोडक्ट कीवर्ड्स और (2) इनफार्मेशन कीवर्ड्स

प्रोडक्ट कीवर्ड्स:

लोग ऐसे कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते है जो आप सेल करते है। यानि की प्रोडक्ट या फिर सर्विस। 

जैसे की, “cake shop”, “bakery near me “

इनफार्मेशन कीवर्ड्स:

लोग ऐसे कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते है जो आप सेल नहीं करते लेकिन ऐसी इनफार्मेशन जो आपके प्रोडक्ट या सर्विस से सुसंगत हो।

 जैसे की,”Homemade Cake receipe”, “cooker Cake receipe”।

आपके बिज़नेस में सफल होने के लिए आपकी वेबसाइट को इन दोनों कीवर्ड के अनुसार ऑप्टिमाइज़ करना पड़ेगा।

कीवर्ड रिसर्च टिप

Keyword Research kaise kare

(1)  पहले, Google Autocomplete का इस्तेमाल इस्तेमाल करो।

गूगल सर्च बॉक्स में कीवर्ड को लिखिए और जो भी suggestion आते है उसे लिख लीजिए

google Auto suggest
Google Auto-suggest

(2) उसके बाद आपके कीवर्ड को “Answer The Public” में टाइप कीजिए।

ये “Free” टूल जो आपको informational keyword  को ढूंढने में मदद करेगा। और कई सारे कंटेंट आईडिया भी देगा।

answer the public content idea
AnswerThePublic Keywords suggestion

उसके बाद “Keyword Research Tool” का इस्तेमाल कीजिए।

कीवर्ड रिसर्च टूल आपको ऐसे कीवर्ड ढूढने में मदद करेगा जो सबसे ज्यादा सर्च होते है और यह भी जानकारी देगा की उस कीवर्ड को गूगल के पहले पेज पर रैंक करवाना कितना मुश्किल है।

यह कुछ कीवर्ड रिसर्च टूल की लिस्ट है जो SEO एक्सपर्ट इस्तेमाल करते है।

google keyword planner
Google Keyword Planner

लेकिन सबसे अच्छा और फ्री टूल, Google Keyword Planner है।

हालांकि, इसे लोगो को गूगल एड्स कैंपेन बनाने में मददरूप होने के लिए बनाया गया था फिर भी इसे कीवर्ड रिसर्च के लिए उपयोग करना ही चाहिए। 

ये आपको नए नए कीवर्ड्स के suggestions देगा और इसके साथ साथ हर Keywords कितने मंथली सर्च होते है यह भी बताता है।

मतलब की, आपकी वेबसाइट का कंटेंट बनाने के लिए ऐसे कीवर्ड्स की लिस्ट बनाइए जिसका सर्च वॉल्यूम सबसे ज्यादा हो।

 

Long Tail Keyword

अंत में, अगर आप SEO में नए है तो आपको सिर्फ “Long Tail Keywords ” पर ही फोकस करना चाहिए।

क्योकि, Long Tail Keywords की कम्पटीशन सबसे कम होगी।

जब आपकी वेबसाइट Long Tail Keywords के लिए रैंक होने लगे तब उसके बाद छोटे कीवर्ड्स पे रैंक करवा सकते है।

SEO -Friendly content

SEO और कंटेंट दोनों आपस में जुड़े हुए है। ये इतना आसान नहीं की हाई-क्वालिटी कंटेंट बनाओ और रैंक हो जाए। इसके लिए SEO -Friendly कंटेंट बनाना जरुरी है।

वास्तव में, Hubspot के एक सर्वे के अनुसार जो बिज़नेस रेगुलरली कंटेंट पब्लिश करते है वे आम बिज़नेस जो कंटेंट नहीं बनाते उससे 350% ज्यादा ट्रैफिक मिलता है। इसलिए नियमितरूप से कंटेंट पब्लिश करना जरुरी है।

वर्डप्रेस के स्टेटमेंट के अनुसार हर महीने वर्डप्रेस से ७ करोड़ से भी ज्यादा ब्लॉग पब्लिश होते है। और यह सिर्फ वर्डप्रेस की बात है। और भी प्लेटफार्म जैसे की shopify, medium से करोड़ ब्लोग्स पब्लिश होते है।

आपने जाना की SEO kya hai?, (What is SEO in Hindi), अब जानते है SEO कितने प्रकार के होते है और SEO kaise kare?

SEO, टोटल 5 प्रकार के होते है:

(1) On-Page SEO

(2) Off-Page SEO 

(3) Mobile SEO

(4)Technical SEO

(5)Local SEO

On-page SEO in Hindi

1. On-Page SEO | On-Page SEO kya Hai?

On-Page SEO का उद्देश्य यह निश्चित करना है की गूगल आपके वेबपेज को ढूंढ सके और इसे SERP पे दिखा सके।
गूगल आपके वेबपेज को कीवर्ड्स या “Phrase” के लिए स्कैन करता है। और जब ये एक कीवर्ड कई जगहों पर देखता है तो निश्चित करता है की यह वेबपेज यही कीवर्ड के बारे में है।

इसलिए टारगेट कीवर्ड को आपके वेबपेज में होना जरूति है।

अगर आपकी साइटपे WordPress इनस्टॉल किया हुआ है तो Yoast plugin के इस्तेमाल से SEO आसान हो जाता है।
Yoast plugin पेज का टाइटल और डिस्क्रिप्शन सेट करना आसान बना देता है।

Title Tag

आपके कीवर्ड को टाइटल टैग में लिखिए।
SEO का पहला नियम है की टारगेट कीवर्ड को टाइटल टैग में इस्तेमाल करना।
जब on Page SEO की बात हो, तब आपके टारगेट कीवर्ड का टाइटल टैग में होना जरुरी है।
आपका टाइटल टैग आपके वेबपेज के बारे में संक्षिप्त में बताता है।

Meta Description

google-meta-keywords

वेबपेज के मेटा-डिस्क्रिप्शन को इस तरह से लिखना है ताकि ज्यादा से ज्यादा क्लिक मिले। क्योकि लोग SERP में कोई भी रिजल्ट को क्लिक करने से पहले उसके डिस्क्रिप्शन को पढ़ते है।

यह भी ध्यान रखिए की मेटा डिस्क्रिप्शन में आपके टारगेट कीवर्ड को भी डालना है।

कंटेंट-content

इसके बाद, आपके कंटेंट के पहले पैराग्राफ में भी कीवर्ड का इस्तेमाल कीजिए। इससे गूगल निश्चित करता है की यह पेज इसी कीवर्ड के बारे में है। 

कीवर्ड डेंसिटी: कीवर्ड डेंसिटी की कैलकुलेशन इस तरह होती है की आपके टारगेट कीवर्ड, कंटेंट के हर १०० शब्द पर कितनी बार रिपीट होता है। 

उदहारण के तौर पर, अगर आपका कंटेंट 100 शब्दो का है और कीवर्ड २ बार इस्तेमाल हुआ है तो आपके कंटेंट की कीवर्ड डेंसिटी २% होगी।  

आपके कंटेंट की कीवर्ड डेंसिटी महत्तम २% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

अगर कंटेंट की कीवर्ड डेंसिटी २% से ज्यादा होती है तो इसे “कीवर्ड stuffing” कहते है और इससे आपकी साइट पेनलिज़्ड हो सकती है। और रैंक नहीं हो पाएगी।

समानार्थी और कीवर्ड की अदला-बदली करके इस्तेमाल कीजिये 

अगर कीवर्ड को २% से ज्यादा इस्तेमाल करना है तो आपके टारगेट कीवर्ड के समानार्थी शब्दों का उपयोग कीजिये। अगर लॉन्ग टेल कीवर्ड है तो कीवर्ड में अदला-बदली करके उपयोग कीजिये।

उदहारण के तोर पर, अगर “Digital Marketing” को ज्यादा बार उपयोग करने की जरुरत पड़े तो, “Internet Marketing” कीवर्ड का उपयोग कीजिए।

Optimize Image:

टेक्स्ट कंटेंट के अलावा, गूगल के लिए ये जानना थोड़ा मुश्किल है की इमेज फाइल में क्या है। इसलिए गूगल इमेज फाइल का filename , alt text और टाइटल पर आधार रखेगा।

और अगर आप image का उपयोग ज्यादा करते है तो आपके लिए image SEO बहुत ही जरुरी है।

तो देखते है, image SEO के करना है?

सबसे पहले, आपकी इमेज का filename दीजिए। इसके बाद alt text में टारगेट कीवर्ड का उपयोग करना फायदेमंद रहेगा।

User Experience

आप चाहे कितना ही on -Page SEO कर लो, लेकिन अगर आपकी वेबसाइट यूजर-फ्रेंडली नहीं है तो इसे रैंक होने में काफी वक्त लग सकता है।

हालांकि यूजर एक्सपीरियंस रैंकिंग का पैरामीटर नहीं है, फिर भी indirectly ये आपके SEO पर असर करता है।

हालांकि यूजर एक्सपीरियंस रैंकिंग का पैरामीटर नहीं है, फिर भी इंदिरेक्ट्ली ये आपके SEO पर असर करता है। वेबसाइट SEO करने के साथ साथ यह भी ध्यान रखिये की आप वेबसाइट वास्तविक इंसान के पढ़ने के लिए बना रहे है ना कि कोई कंप्यूटर या रोबोट के लिए।

  • On Page SEO के बारे में हिंदी tutorial के लिए यह पोस्ट जरूर पढ़े: On-Page SEO: Hindi Tutorial

2. Technical SEO

Technical SEO अपने आपमें एक बहुत बड़ा टॉपिक है। technical SEO का मुख्य उद्देस्य यह निश्चित करना है की गूगल के crawlers आपकी साइट के सारेपेज को स्कैन कर पे आए। लेकिन कुछ सालों में technical SEO  में कई सारे नए टॉपिक आये है जैसे की साइट की लोडिंग स्पीड, मोबाइल ऑप्टिमाइजेशन और कई सारे। 

अगर आपकी साइट wordpress पे रन हो रही है तो आपको coding सीखने की कोई जरुरत नहीं है।  ज्यादातर SEO का काम plugins से हो जाता है।

Google Search console: site analytics

अपनी साइट को Google search console पे verify  करवाए। 

आपके वेबसाइट की हेल्थ और परफॉरमेंस जानने का सबसे बेहतरीन और फ्री टूल है Google Search console डैशबोर्ड। 

Bing अपना खुदका डैशबोर्ड है jise Bing Webmaster tool कहते है।

जब आप Google search console पे आपकी वेबसाइट verify करवा लेते है तब ये आपको बहुत ही बढ़िया जानकारी देता है जैसे की आपकी वेबसाइट SERP में कितनी बार दिखी और कितने लोगो ने इसपे क्लिक किया। 

SEO Friendly URL

SEO Friendly URL का इस्तेमाल कीजिये।

बहुत से लोग अपनी वेबसाइट के टाइटल, डिस्क्रिप्शन और कंटेंट में तो SEO कर लेते है लेकिन URL को ठीक नहीं करते। 

यह ध्यान रखिए की, आपके वेबपेज का URL भी SEO का ही एक हिस्सा है।

आपके वेबपेज के URL से गूगल को यह पता चलता है की यह पोस्ट किस केटेगरी में है।

अपने टार्गेटेड कीवर्ड को URL में भी शामिल कीजिये।

Page Loading Speed

PageSpeed Insight tool
PageSpeed Insight

पेज की लोडिंग स्पीड को जानिए और optimize कीजिये।

२०१८ में गूगल ने यह अन्नोउंस किया की पेज की लोडिंग स्पीड भी रैंकिंग का फैक्टर बनेगा। यानि की अगर आपकी साइट लोड लेने में ज्यादा टाइम लेती है तो इसका रैंक होना मुश्किल है।

गूगल पेज स्पीड को measure करने लिए उनका ही टूल PageSpeed Insight टूल को suggest करता है।

यह पेज स्पीड का measurement के साथ साथ यह भी suggest करता है किन-किन चीजों को ऑप्टिमाइज़ करना है।

page optimization suggestion
PageSpeed Insight Tool Analysis

HTTPS setup

साइट को HTTPS setup से secure बनाइए।

 जो वेबसाइट HTTPS से secure होती है, गूगल उसे ज्यादा priority देगा।

https setup
HTTPS setup

और गूगल chrome ब्राउज़र में ये साफ साफ दिखता है की वेबपेज “Not Secure”।

तो, अगर आपकी साइट पे HTTPS को setup नहीं किया तो जल्द ही करवाइए।

site architecture और internal linking।

अगर आपकी वेबसाइट नयी नयी बनी हुई है और इसपे सिर्फ चार या पांच पेज है तो साइट आर्किटेक्चर की जरुरत नहीं है।

लेकिन अगर आपके वेबसाइट पे हज़ार से भी ज्यादा पेज है तो इसको ओर्गनइजे करना जरुरी है।

आपके साइट आर्किटेक्चर को ओर्गनइजे कीजिए इसे केटेगरी के अनुसार ओर्गनइजे कीजिए।

इसके बाद आपके पेज को इसके सुसंगत पेज से लिंक कीजिए।

इंटरनल लिंकिंग करते वक्त यह जानना बिलकुल जरुरी है की Anchor text में भी कीवर्ड का होना जरुरी है।

3. Mobile SEO

अगर आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली नहीं है तो इसका रैंक होना संभव ही नहीं है।

Mobile friendly वेबसाइट होना यह गूगल रैंकिंग का सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है।

एक सर्वे के अनुसार यह जानने को मिला की इंटरनेट सर्फिंग में 52% से भी ज्यादा लोग मोबाइल का इस्तेमाल करते है और 44% लोग कम्प्यूटर का इस्तेमाल करते है।

तो अगर Mobile SEO को SEO की नजर से न देखे तो फिर भी 52% मोबाइल यूजर के ट्रैफिक को आपकी वेबसाइट पे लाने के लिए इसका मोबाइल-फ्रेंडली होना बहुत ही महत्वपूर्ण है।

Mobile SEO
Mobile Friendly Test

आप अपनी वेबसाइट को चेक करने के लिए गूगल का “Mobile -friendly tool” का इस्तेमाल कर सकते है।

अगर आप ब्लॉग बनाने के लिए गूगल का फ्री ब्लॉग्गिंग टूल ब्लॉगर का इस्तेमाल करते है तो ध्यान रखिये की आप जो भी थीम इस्तेमाल करते है वो मोबाइल-फ्रेंडली हो, ब्लॉगर की सभी थीम SEO फ्रेंडली नहीं है।

Backlink building

4. Off-Page SEO

Off -Page SEO का उद्देस्य यह है की दूसरी वेबसाइट के वेबपेज पे आपके वेबपेज के बारे में उल्लेख हो। यानी की आपके वेबपेज की लिंक दूसरे वेबसाइट में हो। और इसे backlink कहते है।

गूगल के रैंकिंग फैक्टर में ये महत्त्व का फैक्टर है। जिस वेबपेज पे सबसे ज्यादा बैकलिंक होगी वही रैंक करेगा।

बैकलिंक होना आवश्यक है लेकिन किस वेबसाइट से बैकलिंक मिलती है यह इससे भी ज्यादा आवश्यक है। 

बैकलिंक को भी क्वालिटी में measure किया जाता है। 

Off-page SEO, Backlink

बैकलिंक जिस वेबपेज से मिलती है उसकी क्वालिटी से बैकलिंक की क्वालिटी measure होती है।

और किसी भी वेबपेज की क्वालिटी दो तरीके से measure की जा सकती है वो है (1) page authority और (2) domain authority ।

Domain Authority पुरे वेबसाइट की Search Engine Ranking Score होती है। DA स्कोर, वेबसाइट SERP पे कितना रैंक करेगी यह प्रेडिक्ट करता है। 

Page Authority एक खास वेबपेज का Search Engine Ranking Score है।

कोई भी वेबसाइट की Authority जानने के लिए MOZ का टूल ही इस्तेमाल कीजिए। क्युकी DA और PA टर्म MOZ का है। 

और भी कई तरीके है जिससे आप बैकलिंक प् सकते है जैसे की गेस्ट ब्लॉग्गिंग, सर्च इंजन सबमिशन, डायरेक्टरी सबमिशन, और कई सारे।

Summary

What is SEO in Hindi:

तो इस पोस्ट में आपने जाना की SEO क्या है (What is SEO in Hindi), SEO कितने प्रकार के होते है, SEO कैसे काम करता है, सर्च इंजन कैसे काम करता है, और कई सारे ऑनलाइन फ्री टूल जो आपको SEO के लिए जरुरी है। SEO करना इतना मुश्किल नहीं।

आपको यह पोस्ट किसी लगी ये कमेंट में जरूर बताइए और अगर आप SEO रिलेटेड कोई टॉपिक के बारे में जानना चाहते है तो उसे कमेंट सेक्शन में जरूर बताइए।

धन्यवाद।

1 thought on “What is SEO in Hindi (2020)- SEO के बारे में पूरी जानकारी”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *